February 26, 2026

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मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का किया विमोचन

देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन करते हुए गीत को यूट्यूब पर लांच किया। मुख्यमंत्री ने इस गीत की सराहना करते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष से प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के प्रचार-प्रसार एवं उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक और नैसर्गिक सुंदरता के परिप्रेक्ष्य में भी इस प्रयास को प्रासंगिक बताया।

मुख्यमंत्री ने तीर्थाटन एवं शीतकालीन यात्रा हेतु श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से वर्ष भर उत्तराखण्ड आकर शीतकालीन प्रवास स्थलों में दर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि इसके लिये राज्य सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व चारधाम यात्र ग्रीष्म काल में ही संचालित होती थी, अब शीतकालीन प्रवास स्थलों पर भी दर्शन की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढावा देने में भी मददगार होगी। उन्होंने कहा कि गीत अत्यन्त मधुर है तथा उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता, अध्यात्म एवं यहाँ के पवित्र धामों व मंदिरों से आम जनमानस को जोड़ते हुए उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड आने को भी यह प्रयास प्रेरित करेगा।

इस गीत को गीतकार व गायक श्री भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा तैयार किया गया है तथा नवोदित संगीतकार ललित गित्यार द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। गीत के माध्यम से उत्तराखण्ड में प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के विशेष महत्व का उल्लेख करते हुए दर्शनार्थियों और पर्यटकों से देवभूमि उत्तराखण्ड आने तथा यहाँ के शीतकालीन प्रवासस्थलों- के दर्शन कर पुण्य अर्जित करने का अनुरोध किया गया है।

इस गीत में उत्तराखण्ड के अन्य तीर्थ स्थलों-यथा पंचकेदार, पंच बद्री, पंच प्रयाग, आदि कैलाश, ओम पर्वत, जागेश्वर, बागेश्वर, पूर्णागिरी, ऋषिकेश व हरिद्वार जैसे धामों व तीर्थ स्थलों का उल्लेख करते हुये उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता से भरपूर कौसानी, मुक्तेश्वर, बिनसर, नैनीताल, मसूरी, चकराता व औली आदि स्थलों में आकर कुछ समय बिताने की अपील की गयी है।

गीत के विमोचन के अवसर पर अपर सचिव पन्ना लाल शुक्ल, श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सचिव विजय थपलियाल आदि मौजूद थे।

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