February 27, 2026

news16uttarakhand

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UCC पोर्टल में अनिवार्य पंजीकरण की जिलों में समय सीमा निर्धारित करने पर भड़का राज्य कर्मचारी सयुक्त परिषद, मुख्य सचिव को लिखा पत्र

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा आज दिनांक 24-3-25 को मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन को पत्र प्रेषित कर यह मांग की है, कि राज्य कर्मचारियों हेतु यूसीसी पोर्टल पर विवाह पंजीकरण अनिवार्य रुप से कराए जाने के शासन के आदेश के विरुद्ध कतिपय जिलों के जिलाधिकारियों द्वारा अपने जिलों में एक निश्चित समय सीमा तय करते हुए, मार्च 2025 तक अनिवार्य रुप से विवाह पंजीकरण कराए जाने की दशा में ही मार्च माह का वेतन आहरित किए जाने के आदेश पारित किए जाने पर, तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है

परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डे एवं शक्ति प्रसाद भट्ट द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड शासन द्वारा अपने आदेश में कहीं पर भी मार्च 2025 तक राज्य कर्मचारियों से अनिवार्य रुप से विवाह पंजीकरण कराए जाने की बाध्यता नहीं रखी गई है, किन्तु कतिपय जिलाधिकारियों यथा – नैनीताल, चमोली, पौड़ी गढवाल द्वारा जिला कोषाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर मार्च 2025 तक यूसीसी पोर्टल पर विवाह का पंजीकरण न कराने वाले राज्य कार्मिकों का वेतन आहरित न किए जाने हेतु आदेशित किए जाने की शिकायत राज्य कार्मिकों से परिषद को प्राप्त हुई थी, जिस पर परिषद द्वारा इसका कड़ा विरोध करते हुए ऐसे आदेशों को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की गई है, साथ ही यह भी मांग की गई है, कि जिला एवं तहसील स्तर पर जिलाधिकारियों द्वारा विवाह पंजीकरण शिविर लगाकर उक्त पंजीकरण कराए जाऐं ।

2. इसके अतिरिक्त राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद द्वारा ए.एन.एम. संवर्ग की मांग के सम्बन्ध में भी सचिव, स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन को प्रेषित पत्र की प्रति मुख्य सचिव महोदया को प्रेषित कर उनसे अनुरोध किया है, कि ए एन एम संवर्ग में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति हेतु रिक्त पदों की संख्या को दृष्ठिगत रखते हुए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित करने तथा जिन ए एन एम की सेवानिवृत्ति में मात्र एक वर्ष की अवधि ही शेष है, उन्हें प्रशिक्षण की शर्त से शिथिलता देते हुए पदोन्नति देने हेतु कार्यवही करने की मांग की है ।

3. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा खाद्य़ एवं नागरिक आपूर्ति मामले विभाग के अन्तर्गत आपूर्ति शाखा के विभिन्न लम्बित प्रकरणों पर मुख्य सचिव महोदया से मांग की है, कि प्रमुख सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता एवं परिषद के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभागीय अधिकारियों व संगठन के प्रतिनिधियों की एक बैठक यथाशीघ्र आयोजित कर समस्याओं का निराकरण कराया जाए ।

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