September 15, 2026

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मुख्यमंत्री धामी से छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट, उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, तीव्र विकास, पर्यटन संभावनाओं एवं सुशासन मॉडल से कराया अवगत

देहरादून 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने सभी पत्रकारों का देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड केवल प्राकृतिक सौन्दर्य और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि तीव्र गति से विकास के नए आयाम स्थापित करने वाला राज्य भी बन रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के पत्रकारों का उत्तराखण्ड भ्रमण राज्य की सांस्कृतिक, सामाजिक, ऐतिहासिक एवं विकास यात्रा को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परम्पराओं, लोक संस्कृति तथा हिमालयी सभ्यता के कारण देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां स्थित चारधाम, पंचकेदार, पंचबदरी, पंचप्रयाग, हेमकुंड साहिब, पूर्णागिरि, जागेश्वर, आदि कैलाश एवं ओम पर्वत जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाकर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन तथा होमस्टे आधारित पर्यटन को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी तथा विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना विकसित किए जाने के कारण उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद सीमांत क्षेत्र के इस आध्यात्मिक स्थल को वैश्विक पहचान मिली है। इसके परिणामस्वरूप आदि कैलाश सहित सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखण्ड में 25 करोड़ से अधिक पर्यटक एवं श्रद्धालु पहुंचे हैं, जो राज्य की बढ़ती लोकप्रियता तथा पर्यटन क्षेत्र में विकसित हुई आधुनिक सुविधाओं का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को वर्षभर पर्यटन (Round the Year Tourism) के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। विशेष रूप से शीतकालीन यात्रा (Winter Yatra) को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिससे चारधाम एवं अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित शीतकालीन गद्दी स्थलों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार एवं भगवान बदरीविशाल की नगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाने के उद्देश्य से केदारनाथ एवं बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष मार्गदर्शन में इन दोनों धामों में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा अनुभव में उल्लेखनीय सुधार आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई संपर्क के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखण्ड तक पहुंच और अधिक सुगम होगी तथा पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क नेटवर्क का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। साथ ही रेल सेवाओं एवं हवाई सेवाओं का भी लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन विकास के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आज सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के कौशल विकास, कृषि, बागवानी तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार विकास और विरासत के संतुलन के साथ उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं। उनके माध्यम से समाज तक सही और सकारात्मक जानकारी पहुंचती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ से आए पत्रकार उत्तराखण्ड की विकास यात्रा, पर्यटन संभावनाओं, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी पहलों को निकट से जानने के बाद अपने अनुभवों को व्यापक स्तर पर साझा करेंगे, जिससे देवभूमि उत्तराखण्ड की सकारात्मक छवि देशभर में और अधिक सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों के माध्यम से समस्त छत्तीसगढ़वासियों को आगामी कुंभ में देवभूमि उत्तराखण्ड आने का सादर आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का विराट पर्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में देवभूमि पहुंचकर इस दिव्य एवं भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे तथा उत्तराखण्ड के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक वैभव का अनुभव करेंगे।

पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में हो रहे विकास कार्यों, बेहतर आधारभूत संरचना, पर्यटन क्षेत्र में हुए परिवर्तन तथा राज्य सरकार की जनहितकारी पहलों की सराहना की।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त निदेशक के. एस. चौहान, छत्तीसगढ़ सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक धनंजय राठौर तथा छत्तीसगढ़ से आए 20 से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।

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