February 26, 2026

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देहरादून वालों के लिए बुरी खबर, नए मास्टर प्लान को झटका; पुराने प्लान को बढ़ाया गया

देहरादून के नए मास्टर प्लान को झटका लगा है। 2041 तक के जीआईएस मास्टर प्लान में गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच पूरी होने तक पुराने मास्टर प्लान को ही आगे बढ़ाया जाएगा। जांच कमेटी के अध्यक्ष/एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान में विभिन्न गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं। विभिन्न विसंगतियों पर सुझाव दिए गए हैं।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के नए मास्टर प्लान को झटका लग गया है। वर्ष 2041 तक के जीआइएस मास्टर प्लान को एक अप्रैल 2025 से लागू किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में गड़बड़ी पाए जाने और जांच के क्रम में इसमें विलंब हो गया।

ऐसे में 31 मार्च 2025 को समाप्त हो रहे वर्ष 2005-2025 के मास्टर प्लान को ही आगे बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में विधिवत आदेश जारी किए जाएंगे। सचिव आवास डा. आर मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार वर्ष 2041 तक के जियोग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम (जीआइएस) आधारित मास्टर प्लान का ड्राफ्ट मार्च 2023 में तैयार कर दिया गया था।

अप्रैल में इस पर आपत्तियां मांगकर उसी माह यह प्रक्रिया भी बंद कर दी गई थी। इसके करीब एक साल बाद मार्च 2024 में आपत्तियों पर सुनवाई पूरी कर यह शासन को प्राप्त हो चुका था। हालांकि, इससे पहले कि नए मास्टर प्लान का नोटिफिकेशन किया जाता, तभी यह बात सामने आई कि मास्टर प्लान में भू-उपयोग तय करने में गड़बड़ी की गई है

इसको लेकर कई शिकायतें दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया। 23 जून 2024 को रविवार के दिन सचिवालय खुलवाकर तत्कालीन मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक शशि मोहन श्रीवास्तव को पद से हटाते हुए शासन से अटैच कर दिया गया। साथ ही मास्टर प्लान में गड़बड़ियों की जांच के लिए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई।

कमेटी में अपर सचिव आवास और एक सेवानिवृत्त नगर एवं ग्राम नियोजक को शामिल किया गया। जांच पूरी होने तक मास्टर प्लान को होल्ड पर रख दिया गया था। सचिव आवास के अनुसार, उन्हें जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी थी, जिसके अध्ययन के बाद आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद की औपचारिकताओं की पूर्ति की प्रक्रिया भी लंबी है। लिहाजा, इसमें अभी कुछ वक्त लग जाएगा। ऐसे में तब तक के लिए पुराने मास्टर प्लान को ही आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

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