शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल को सौंपे ज्ञापन में पूर्व विधायक राजकुमार एवं लालचन्द शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार नगर निगमो में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मियों की संख्या कम करना चाहती है। जबकि आउटसोर्स कर्मियों में ज्यादातर युवा काम कर रहे हैं और इन्हीं के माध्यम से नगर निगम के कई कार्य निष्पादित हो रहे हैं। महोदय, एक तरफ राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दंेने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जो युवा नगर निगम में संविदा/आउटसोर्स के माध्यम से निम्न वेतन पर रोजगार में लगे हैं उनको छंटनी के माध्यम से रोजगार से हटाने की तैयारी की जा रही है जो कि न्याय संगत प्रतीत नहीं होता है।

पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि वर्तमान में नगर निगमों मे कार्यरत कर्मचारियों का वेतन निगम से अनुबंधित कंपनी के माध्यम से जारी होता है तथा केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं जिसे कर्मियों की छटनी का आधार बनाया जा रहा है। सरकार की इस कार्रवाई के चलते रोजगार छिनने से आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मियों में काफी रोष व्याप्त है। नगर निगम का यह तर्क कि कर्मियों की संख्या मानकों से अधिक है उचित प्रतीत नहीं होता है। यह भी सवाल उठता है कि इस विषय पर कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले क्यों नहीं विचार किया गया। अब सरकार द्वारा सभी अनुभागों से कर्मचारियों की रिपोर्ट मांग कर छटनी की तैयारी की जा रही है जो कि न्यायोचित प्रतीत नही होता हैलालचन्द शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा देहरादून शहर में स्मार्ट सिटी के तहत किये जा रहे निर्माण कार्यो की वजह से सडकों व नालियों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। सरकार द्वारा सड़कों में पेंच वर्क का कार्य 15 अक्टूबर तक पूर्ण किये जाने का वादा किया गया था, परन्तु पेचवर्क इतना धीमा है कि अंतिम तिथि निकलने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है तथा जगह-जगह जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। हमारी मांग है कि महानगर की सभी सड़कों का पेचवर्क शीघ्र पूर्ण कराया जाय तथा स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाय।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्री लाल चंद शर्मा ने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से यह भी संज्ञान में आया है कि वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश की मलिन बस्तियों को न हटाये जाने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी की जा रही है। अवगत कराना चाहते हैं कि इससे पूर्व भी दो बार मलिन बस्तियों के लिए अध्यादेश लाया जा चुका है। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा देहरादून नगर निगम क्षेत्र में आने वाली मलिन बस्तियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव पारित किया गया था, परन्तु आभी तक मलिन बस्तियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं हो पाई है। अतः हमारी मांग है कि राज्य सरकार तत्काल मलिन बस्तियों के नियमितीकरण का कार्य प्रारम्भ कर मलिन बस्तीवासियों को मालिकाना हक प्रदान करे।
राजकुमार ने कहा कि आगामी नगर निगम चुनावों के दृष्टिगत वार्डों के पीरसीमन की प्रक्रिया गतिमान है, परन्तु वर्तमान में किये जा रहे नये परिसीमन से नगर निगम के वार्डों में कई इलाके इधर से उधर होने पर कई जगह वोटर लिस्ट भी गड़बड़ा गई हैं जिससे चुनावों के समय वोटरों को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आगामी चुनावों के लिए किया जा रहा वार्डों का नया परिसीमन रद्द किया जाना चाहिए।
पूर्व विधायक राजकुमार नें यह भी कहा की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लंबित पड़े कार्यों में तेजी लायी जाए।

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