August 22, 2026

news16uttarakhand

news16uttarakhand

सीएम धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा एमडीडीए, सिटी फॉरेस्ट के बाद मियांवाला में एक और पर्यावरणीय तोहफा, मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के विजन को धरातल पर उतारते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का व्यापक सौंदर्यीकरण कर इसे आधुनिक एवं आकर्षक जल-सृष्टि पार्क के रूप में विकसित किया है। करीब 8.63 करोड़ रुपये की लागत से किए गए इस सौंदर्यीकरण कार्य के बाद वर्षों से उपेक्षित पड़े पुराने जलस्रोत और उसके आसपास का क्षेत्र अब आमजन के लिए प्रकृति, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सुकून का नया ठिकाना बनकर तैयार है। सिटी फॉरेस्ट के बाद एमडीडीए की यह पहल देहरादून में हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार शहरी विकास को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर जोर देते रहे हैं। इसी सोच के अनुरूप मियांवाला के पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप स्थित जौहड़ की भूमि और पुराने तालाब क्षेत्र का कायाकल्प कर इसे आधुनिक पार्क का स्वरूप दिया गया है। परियोजना में जलस्रोत के संरक्षण के साथ आसपास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया गया है। जल संरक्षण और जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ नौकायन जैसी गतिविधियों के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जल-सृष्टि पार्क का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पार्क परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनसे विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित हो। मियांवाला में जौहड़ की भूमि का सौंदर्यीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पार्क में उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में मुख्य प्रवेश द्वार, योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, गजीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच, कैंटीन, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षा रेलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। जलीय फूल, मछलियां, पक्षी और हरियाली पार्क की खूबसूरती बढ़ाते हैं। यह पार्क परिवारों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ शहर में एक बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित हुआ है। एमडीडीए की यह परियोजना मुख्यमंत्री धामी के उस विजन को मजबूती देती है, जिसमें शहरों का विकास आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखकर करने पर जोर दिया जा रहा है। मियांवाला का जल-सृष्टि पार्क इसी सोच का उदाहरण है, जहां जौहड़ की भूमि और पुराने जलस्रोत को संरक्षित करते हुए उसे जनसुविधा, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया है।

*जीर्ण तालाब से खूबसूरत जल-सृष्टि पार्क तक*
पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप लंबे समय से उपेक्षित पड़े जौहड़ और तालाब क्षेत्र का कायाकल्प कर एमडीडीए ने इसे आकर्षक पार्क का स्वरूप दिया है। 8.63 करोड़ रुपये की लागत से जौहड़ की भूमि पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्य के तहत तालाब के संरक्षण के साथ आसपास हरित क्षेत्र और जनसुविधाएं विकसित की गई हैं। नौकायन जैसी गतिविधियों के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं, जबकि जलीय जीवों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। मियांवाला की यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चला जा सकता है।

*पारंपरिक पहाड़ी शैली में प्रवेश द्वार, योग डेक और वॉकिंग ट्रैक*
जल-सृष्टि पार्क को आधुनिक सुविधाओं के साथ उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति से भी जोड़ा गया है। पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया गया है। यहां योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, आकर्षक गजीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच, कैंटीन और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। तालाब के आसपास सुरक्षा रेलिंग लगाई गई है। हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र पार्क की खूबसूरती बढ़ाते हैं। ऐसे में यह पार्क बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और परिवारों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हुआ है।

*सिटी फॉरेस्ट के बाद पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और कदम*
एमडीडीए की ओर से विकसित जल-सृष्टि पार्क को सिटी फॉरेस्ट के बाद आमजन के लिए एक और पर्यावरणीय तोहफा माना जा रहा है। सिटी फॉरेस्ट की तर्ज पर यह परियोजना भी देहरादून में हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने की सोच को आगे बढ़ाती है। जौहड़ और पुराने जलस्रोत के पुनर्जीवन से जहां क्षेत्र की सुंदरता बढ़ी है, वहीं जल संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी को भी मजबूती मिलेगी। नौकायन जैसी गतिविधियों के जरिए लोगों को जलस्रोतों से जोड़ने और प्रकृति के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया है।

*विकास में हरियाली और जल संरक्षण को प्राथमिकता*
एमडीडीए का जोर अब ऐसी परियोजनाओं पर है, जिनमें विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रहे। पुराने तालाब, जौहड़, जलस्रोत और हरित क्षेत्रों को संरक्षित कर उन्हें जनोपयोगी स्वरूप देने से शहर को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी संभव होगा। मियांवाला का जल-सृष्टि पार्क इसी सोच का परिणाम है। यह सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि 8.63 करोड़ रुपये की लागत से जौहड़ की भूमि के सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को बचाने, प्रकृति को संवारने और आमजन को बेहतर सुविधाएं देने की एकीकृत पहल है।

*बंशीधर तिवारी : पुराने जलस्रोतों को बचाना हमारी प्राथमिकता*
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून के विकास में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मियांवाला का पुराना तालाब और जौहड़ क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षित था, जिसे 8.63 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ जल-सृष्टि पार्क के रूप में विकसित किया गया है। हमारा उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि जलस्रोत का संरक्षण, जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण और आमजन को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है। सिटी फॉरेस्ट के बाद यह एमडीडीए की एक और महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है। आने वाले समय में भी ऐसे प्राकृतिक जलस्रोतों और हरित क्षेत्रों को संरक्षित करने का प्रयास जारी रहेगा।

*मोहन सिंह बर्निया : विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मियांवाला जल-सृष्टि पार्क विकास और पर्यावरण संरक्षण का बेहतर उदाहरण है। जौहड़ की भूमि और पुराने तालाब क्षेत्र को संरक्षित कर उसका 8.63 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया गया है और इसे जनसुविधाओं से जोड़ा गया है। पार्क में हरियाली, योग, वॉकिंग और नौकायन जैसी सुविधाएं लोगों को प्रकृति से जोड़ेंगी। एमडीडीए भविष्य में भी शहर के प्राकृतिक संसाधनों और हरित क्षेत्रों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जनहित से जुड़ी ऐसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगा।

The post सीएम धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा एमडीडीए, सिटी फॉरेस्ट के बाद मियांवाला में एक और पर्यावरणीय तोहफा, मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन first appeared on MJ.

The post सीएम धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा एमडीडीए, सिटी फॉरेस्ट के बाद मियांवाला में एक और पर्यावरणीय तोहफा, मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन appeared first on MJ.

About The Author

You may have missed