February 26, 2026

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राष्ट्रीय खेल एंथम : मोबाइल की रिंग टोन व नगर निगम कूड़ा वाहनों में गूंजेगा “आन बान शान ले शौर्य का प्रमाण ले

देहरादून – 2 जनवरी : 38 वें राष्ट्रीय खेलों का एंथम ‘आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ जल्द ही आपके मोबाइल की रिंगटोन बन सकता है। खेल मंत्री रेखा आर्या की पहल पर राष्ट्रीय खेल सचिवालय ने इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को पत्र भेजा है।

राष्ट्रीय खेल इस महीने की 28 तारीख से शुरू होने हैं। खेलमंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सरकार इसके लिए पहले ही प्रयास कर रही है कि ये नेशनल गेम्स सिर्फ सरकार का आयोजन न बनकर जन-जन का उत्सव बने। इसके लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। भव्य मशाल यात्रा के अलावा भी खेलों से जनता को जोड़ने के लिए गैरपरम्परागत तरीके भी खोजे जा रहे हैं। खेल मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय खेल के एंथम ‘आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ का लोकार्पण 15 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। एंथम काफी लंबा है लेकिन प्रचार की दृष्टि से एंथम के सिर्फ 30 सेकेंड के हिस्से का इस्तेमाल किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल सचिवालय अपने पत्र पर बीएसएनएल के जवाब का इंतजार कर रहा है।

*गली गली में जिंगल पर गूंजेगा एंथम*

नगर निकाय क्षेत्रों में रोजाना कूड़ा उठाने वाले वाहनों से भी राष्ट्रीय खेलों का एंथम जिंगल के रूप में सुनाई देगा। एफएम समेत अन्य सभी प्रचार माध्यमों के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। कोशिश ये ही है कि जिन जनपदों में राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी हैं, वहां पर सफाई वाहनों व एफएम आदि से ज्यादा प्रचार किया जाए।

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*मोबाइल रिंग टोन में राष्ट्रीय खेलों का एंथम सुनाई दे, इसके लिए हमने बीएसएनएल को पत्र भेजनें के साथ ही नगर निगम के कूड़ा सफाई वाहन व रेडियो के जरिये भी राष्ट्रीय खेलों का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए है, इसके जरिए आम लोग खासतौर से युवा भी राष्ट्रीय खेलों के एम्बेसडर बन सकेंगे। युवाओं से मेरी अपील है कि वे अपने सोशल मीडिया एकाउंट से भी नेशनल गेम्स के एंथम और अन्य प्रतीकों को दुनियाभर में फैलाएं। इस आयोजन के साथ प्रदेश और यहां के हर नागरिक की प्रतिष्ठा जुडी है।*

••- रेखा आर्या, खेल मंत्री••••

*यह है राष्ट्रीय खेल का एंथम*

आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले

एकत्र सर्वश्रेष्ठ है मैदान में

ना कोई विकल्प हो, संकल्प से शिखर तक

विजय गाथा लिख दें आसमान में।

पर्वतों की गोद में, गली-गली प्रमोद में

देवभूमि की धरा अखंड ये

हर घड़ी प्रयास में, आगमन की आस में

मेजबान आज उत्तराखंड ये।

उल्लास का यह पर्व है

हर किसी को गर्व है

मान हमको भारत विराट पर

जीत की हो कामना

खेल की हो भावना

जीत का तिलक है हर ललाट पर।

खेल है खिताब है, मेल है मिलाप है

समग्र अपने देश की है एकता

स्वागत सत्कार है

अपने देश की है ये विशेषता।

गूंज विजय नाद की, जोश में भरे सभी

दहाड़ते हैं आज आसमान में।

गरजते हैं जोर से

जो आए हर ओर से

ना कोई शिकन है ना गुमान है।

आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले

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