राज्य सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना के द्वारा प्रख्यापित एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को उत्तराखण्ड राज्य में अंगीकृत करते हुए 1 अप्रैल 2025 से लागू किए जाने की अधिसूचना जारी किए जाने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड द्वारा इसका कड़ा विरोध किया गया है ।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डे ने कहा कि राज्य सरकार के नई पेशन योजना (NPS) से आच्छादित कर्मचारी विगत लम्बे समय से पुरानी पेंशन (OPS) पुनः लागू किए जाने की मांग राज्य सरकार से लेकर केन्द्र सरकार तक करते आ रहे हैं, किन्तु सरकार द्वारा राज्य कार्मिकों के साथ पुनः छलावा करते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने की बजाए पुनः एक और नई पेंशन योजना, नए नाम के साथ अंगीकृत किए जाने की अधिसूचना जारी की गई है, जो कि राज्य कार्मिकों के साथ सरासर अन्याय है ।
परिषद के प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि परिषद इस एकीकृत पेंशन योजना का घोर विरोध करती है, क्योंकि यह राज्य कार्मिकों के हित में नहीं है । केन्द्र एवं राज्य सरकार को बार बार नई नई पेंशन योजनाऐं लाने की बजाए सभी कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करना चाहिए ताकि वर्षों तक राज्य करकार की सेवा करने वाले कार्मिक, सेवानिवृत्ति के उपरांत आत्मनिर्भर रहकर अपना जीवन यापन सही ढंग से कर पाएं

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