नए साल से पहले अचानक बदले मौसम से उत्तराखंड में ठंड बढ़ गई है। पर्वतीय जिलों में हुई बर्फबारी और बारिश से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है।

धारचूला के दारमा और व्यास घाटी के उच्च हिमालयी गांवों में सोमवार देर रात सीजन की दूसरी बर्फबारी हुई। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की फुहारे भी गिरी। जिसके कारण ठंड बढ़ चुकी है, साथ ही लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है
भूपेश दताल और गुंजी सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि गांव में लगभग तीन इंच और पहाड़ों में एक फुट से अधिक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण सड़क निर्माण कार्य बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि सड़क में बर्फ होने से आवाजाही में दिक्कतें हो रही है।
वहीं, स्थानीय ग्रामीण घर में बैठने को मजबूर है। दांतू के ब्लू शिप होम स्टे संचालक संजय जंग और गुड्डू जंग ने बताया कि बर्फबारी के कारण प्राकृतिक स्रोत और नलों में पानी जम गया और नदी, गाड़-गधेरों का पानी भी जम गया है। जिससे ग्रामीणों को पानी की दिक्कत हो रही है।
ग्रामीण बर्फ को पिघलाकर पानी पीने को मजबूर है। उन्होंने बताया कि थर्टी फर्स्ट पार्टी के लिए दिल्ली, कोलकाता और लोकल से 20 लोगों की बुकिंग आ चुकी है। मंगलवार को 20 से अधिक पर्यटकों ने बर्फबारी का आनंद लिया। सड़क खुली होने पर ग्राम दांतू और दुगतू में भी लगभग 45 से अधिक पंचाचुली पर्यटक के आने की संभावना है

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