राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डे एवं प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलकर मांग की है, कि आठवें वेतन आयोग के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार द्वारा 28 राज्यों के मुख्य सचिवों को दिनांक 27 जनवरी 2025 को पत्र भेजकर दिनांक 15 फरवरी 2025 तक आठवे वेतन आयोग हेतु सुझाव आमंत्रित किए गए थे
जिसके क्रम में पूर्ववर्ती राज्य उत्तर प्रदेश द्वारा वहाँ पर प्रमुख कर्मचारी संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे, किन्तु उत्तराखण्ड में इस तरह का कोई कदम नहीं उठाया गया है।
परिषद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा भी उत्तराखण्ड में प्रदेश के प्रमुख कर्मचारी संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए जाने हेतु आधिकारिक पत्र जारी किया जाए एवं तत्पश्चात प्राप्त सुझावों को केन्द्र सरकार को प्रेषित किया जाए । ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग में वेतन विसंगतियों हेतु गठित वेतन समिति की रिपोर्ट को भी अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिस कारण से कई विभागों के कार्मिकों की वेतन विसंगतियां अब तक सुधर नहीं पाई है ।
आज परिषद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को यह भी अवगत कराया कि आबकारी विभाग में कार्मिकों को पात्र होने के बावजूद ए सी पी स्वीकृति किए जाने पर अधिकारियों द्वारा आनाकानी की जा रही है।
परिषद द्वारा मांग की गई कि इन सभी प्रकरणों पर कार्रवाई हेतु समस्त सम्बंधित को उनके स्तर से निर्देशित किया जाय।

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