देहरादून
नगर निकायों में विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों को अभी कुछ समय और इंतजार करना होगा।उत्तराखण्ड में नगर निकायों में प्रशासकों का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ा दिया गया है।उत्तराखंड के नगर निकायों के बोर्ड का कार्यकाल 1 दिसंम्बर 2023 को समाप्त होने पर जिलाधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था।


। लेकिन, इस छह की अवधि में भी नए बोर्ड का गठन नहीं होने के कारण 2.जून को नगर निकायों के प्रशासकों का कार्यकाल तीन माह अथवा नए बोर्ड के गठन, जो भी पहले हो तक के लिए विस्तारित कर दिया गया था।अब फिर से नगर निकायों के प्रशासकों का कार्यकाल नये बोर्ड के गठन तक के लिए विस्तारित कर दिया गया है।सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण विधेयक प्रवर समिति को भेजे जाने के बाद नगर निकाय चुनाव पीछे खिसकने की अटकले पहले से ही लगाई जा रही थी।
प्रदेश के नगर निकायों के बोर्ड का कार्यकाल दिनांक 01.12.2023 को रामाप्त होने के फलस्वरूप, उक्त तिथि से पूर्व नगर निकायों में निर्वाचन की कार्यवाही सम्पन्न करते हुये नये बोर्ड का गठन किया जाना था, किन्तु मा० उच्चतम न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या-278/2022 सुरेश महाजन बनाम स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश व अन्य में मा० उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 10.05.2023 के अनुपालन में गठित मा० एकल समर्पित आयोग से ओ०बी०सी० को स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व प्रदान किये जाने संबंधी रिपोर्ट प्राप्त न होने कारण शासन की अधिसूचना दिनांक 30.11.2023 द्वारा नगर निकायों में अग्रिम आदेशों तक सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया है।

More Stories
जब संकट आया, धामी सबसे आगे खड़े मिले, नंदा की चौकी में 12 घंटे में लौटी रफ्तार, तेज फैसलों और जवाबदेह शासन ने जीता लोगों का भरोसा
मुख्यमंत्री ने 11 स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को किया फ्लैग ऑफ
एनडीएमए-एनडीआरएफ टीम ने किया उत्तराखण्ड का दौरा, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल को सराहा उत्तराखण्ड का आपदा प्रबंधन मॉडल अनुकरणीय-कर्नल शाही