21 दिनों के लिए बदरीनाथ हाईवे बंद: 18 से 7 जनवरी तक इस रास्ते से गुजरेंगे वाहन; जानें क्यों आवाजाही की गई बंद
18 दिसंबर से सात जनवरी 2025 तक यातायात डायवर्ट किया जा रहा है। आवाजाही बंद होने से श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग क्षेत्र के ज्योतिर्मठ की ओर जाने वाले वाहनों को बदले हुए रास्ते से जाना होगा
बदरीनाथ हाईवे पर बीते बरसात के मौसम के दौरान भूस्खलन से 400 मीटर हिस्से में मलबा आ गया था। तब से हाईवे किनारे मलबा पड़ा है और आवाजाही वनवे हो रही थी। अब इस 400 मीटर हिस्से से मलबे का निस्तारण किया जाएगा। ऐसे में बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग में 18 दिसंबर से तीन सप्ताह तक आवाजाही बंद रहेगी
वाहनों को वैकल्पिक मार्ग नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण सड़क से भेजा जाएगा। वहीं, पुरसाड़ी गांव के ग्रामीणों को 16 किमी और बाजपुर व मैठाणा के लोगों को भी अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ेगी। जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने इसके आदेश जारी किए हैं। एसपी और उपजिला मजिस्ट्रेट चमोली की ओर से भेजे आदेश में कहा गया कि बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग से मलबे का निस्तारण किया जाना है।
इसके लिए 18 दिसंबर से सात जनवरी 2025 तक यातायात डायवर्ट किया जा रहा है। आवाजाही बंद होने से श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग क्षेत्र के ज्योतिर्मठ की ओर जाने वाले वाहनों को नंदप्रयाग बगड़ से सैकोट-कोठियालसैंण-चमोली सड़क (10 किमी) से गंतव्य के लिए भेजा जाएगा, जबकि ज्योतिर्मठ व पीपलकोटी क्षेत्र से आने वाले वाहनों को चमोली बाजार से इसी रास्ते से जाएंगे।
यहां शीतकाल के दौरान आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी इसी मार्ग से गुजरना होगा। नंदप्रयाग में सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक मलबा हटाने का काम किया जाएगा। वहीं, हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से पुरसाड़ी गांव के ग्रामीणों को 16 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। पुरसाड़ी गांव भूस्खलन क्षेत्र से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं, बाजपुर और मैठाणा गांव के ग्रामीणों को भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।

More Stories
आमजन की सुरक्षा को हर पल मुस्तैद दून पुलिस, एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में दून पुलिस द्वारा लगातार चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान, जनपद की सीमाओं व आन्तरिक मार्गो पर संदिग्धों की तलाश हेतु लगातार की जा रही सघन चैकिंग
घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम, प्रत्येक श्रमिक की जान बेहद कीमती, सुरक्षित रेस्क्यू सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री
टीएचडीसी टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 को बाहर निकाला गया, 3 की तलाश जारी घटना के बाद बचाव के लिए गए सभी 6 लोग भी सुरक्षित, अब तक 7 लोगों के दुःखद मृत्यु की सूचना